मीराबाई को सद्बुद्धि से परिचित करके शरण में लेना



🌺 "मीरा बाई को शरण में लेना"!!

🔅परमेश्वर कबीर साहेब कहते हैं कि मैं भक्त आत्माओं को शरण में लेने के लिए सौ छल-छिद्र कर लेता हूँ!
गरीबदास जी की भी वाणी है-
सौ छल-छिद्र मैं करू, अपने जन के काज।
गरीबदास ढूंढत फिरूं, हीरे माणिक लाल।।
मीरा बाई पहले श्री कृष्ण जी की पूजा करती थी। एक दिन कबीर साहेब का सत्संग सुना और कबीर जी के कहने से संत रविदास जी को गुरू बनाया। फिर अंत में कबीर जी को गुरू बनाया। तब मीरा बाई जी का सत्य भक्ति का बीज बोया गया।
गरीब, मीरां बाई पद मिली, सतगुरु पीर कबीर।
देह छतां ल्यौ लीन है, पाया नहीं शरीर।।

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