Who is suprim god
Who is god
Holi
#परमात्मा___बताते___है__,,,,
#ये_असली_नही_नकली_होली_है....,,,!!!
आज हमारा मानव समाज पढा लिखा होने के बावजूद भी बुद्धिहीन हो रहा है,, होरी (होली) का अर्थ ख़ुशी होता है,,रंग खेलना नही,,भांग पीना नही,,शराब पीना नही,, गांजा पीना नही,,जुआ खेलने नही,,!! होली का रंग तो नकली है,,चढ़ के उत्तर जाता है,, रंग में अगर रंगना ही है तो राम रंग में रंगों,, पूर्ण परमात्मा की भगती का रंग चढ़ाओ,, जो एक बार अगर चढ़ जाये तो उत्तरता नही,,आपके जीवन में होली तो तब आएगी जब आप पूर्ण संत के माध्यम से पूर्ण परमात्मा की भगति विधि प्राप्त करोगे,, !!
ये नकली होली है,,मानलो आज रंग गुलाल से होली खेल भी ली और कल आपके घर परिवार में कोई घटना घट गई या किसी की म्रत्यु हो गई,, तो उस होरी का क्या लाभ ,,, !! हमारे जीवन से संस्कार दिनोदिन घटते जा रहे है,, होली के दिन लोग एक दूसरे को तिलक लगाकर गले मिलते है,, और दूसरे दिन उसी व्यक्ति को लूटने की सोचते है,, क्या है ये ?? यही हाल दिवाली का भी है,, झूठे प्रेम का नाटक करते है,,, मै इसे होली नही मानती,,!!
असली होरी (ख़ुशी) तो हम मनाते है पूर्ण परमात्मा की भगति करते है,, सुमिरन करते है,, प्रणाम करते है,, कोई भगत मिल जाये है तो परमात्मा की चर्चा करते है,,परमात्मा के सत् संग सुनते है,, !!😊😊 परमात्मा कहते है,,,
समर्थ का शरणा गहो रंग होरी हो,,, कदे ना हो अकाज राम रंग होरी जो,,
जैसे किरका जहर का रंग होरी हो,, कहो कोण तिस खावे राम रंग होरी हो,,, !!😊😊 🙏🙏😍😍जय बंदी छोड़ जी 😍😍🙏🙏🙏
www.jagatgururampalji.org
Jiv hamri jati he manv dhrm hmara Hindu muslim sikkh isake darm nhi koi nyara
Holi
#परमात्मा___बताते___है__,,,,
#ये_असली_नही_नकली_होली_है....,,,!!!
आज हमारा मानव समाज पढा लिखा होने के बावजूद भी बुद्धिहीन हो रहा है,, होरी (होली) का अर्थ ख़ुशी होता है,,रंग खेलना नही,,भांग पीना नही,,शराब पीना नही,, गांजा पीना नही,,जुआ खेलने नही,,!! होली का रंग तो नकली है,,चढ़ के उत्तर जाता है,, रंग में अगर रंगना ही है तो राम रंग में रंगों,, पूर्ण परमात्मा की भगती का रंग चढ़ाओ,, जो एक बार अगर चढ़ जाये तो उत्तरता नही,,आपके जीवन में होली तो तब आएगी जब आप पूर्ण संत के माध्यम से पूर्ण परमात्मा की भगति विधि प्राप्त करोगे,, !!
ये नकली होली है,,मानलो आज रंग गुलाल से होली खेल भी ली और कल आपके घर परिवार में कोई घटना घट गई या किसी की म्रत्यु हो गई,, तो उस होरी का क्या लाभ ,,, !! हमारे जीवन से संस्कार दिनोदिन घटते जा रहे है,, होली के दिन लोग एक दूसरे को तिलक लगाकर गले मिलते है,, और दूसरे दिन उसी व्यक्ति को लूटने की सोचते है,, क्या है ये ?? यही हाल दिवाली का भी है,, झूठे प्रेम का नाटक करते है,,, मै इसे होली नही मानती,,!!
असली होरी (ख़ुशी) तो हम मनाते है पूर्ण परमात्मा की भगति करते है,, सुमिरन करते है,, प्रणाम करते है,, कोई भगत मिल जाये है तो परमात्मा की चर्चा करते है,,परमात्मा के सत् संग सुनते है,, !!😊😊 परमात्मा कहते है,,,
समर्थ का शरणा गहो रंग होरी हो,,, कदे ना हो अकाज राम रंग होरी जो,,
जैसे किरका जहर का रंग होरी हो,, कहो कोण तिस खावे राम रंग होरी हो,,, !!😊😊 🙏🙏😍😍जय बंदी छोड़ जी 😍😍🙏🙏🙏
Jiv hamri jati he manv dhrm hmara Hindu muslim sikkh isake darm nhi koi nyara


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